ग्रामीणों के अनुसार सुम्ब ब्लॉक के कई गांवों से छात्रों को रोजाना लंबी दूरी तय कर सांबा या अन्य क्षेत्रों में जाना पड़ता है। इससे न केवल समय और पैसे की अतिरिक्त लागत आती है, बल्कि कई विद्यार्थियों को शिक्षा बीच में छोड़ने के लिए भी मजबूर होना पड़ता है।
अभिभावकों का कहना है कि क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की स्थापना होने से विशेष रूप से गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों को बड़ा लाभ मिलेगा। स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और उनका भविष्य अधिक सुरक्षित होगा।
युवाओं ने सरकार से मांग की है कि सुम्ब ब्लॉक की जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यहां शीघ्र सरकारी डिग्री कॉलेज स्थापित किया जाए। उनका कहना है कि शिक्षा ही विकास का सबसे मजबूत माध्यम है और कॉलेज खुलने से पूरे क्षेत्र के सामाजिक व शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार कर सुम्ब ब्लॉक के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगी।
"कॉलेज नहीं, तो विकास अधूरा — सुम्ब के युवाओं की सरकार से गुहार